पाथल और पीथल (हिन्दी काव्यानुवाद) – कन्हैयालाल सेठिया

(पाथल- महाराणा प्रताप,  पीथल- पृथ्वीराज राठौड़* :अकबर के नवरत्नों में से एक)   अरे! घास की रोटी भी, जब वन-बिलाव

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